: टनकपुर: मीडिया कर्मियों को मतदान कक्ष में कवरेज हेतु अनुमति न दिए जाने से पत्रकारों मे फैला आक्रोश, कहा लोकतांत्रिक अधिकारों का किया गया हनन
Sun, Jan 26, 2025
टनकपुर (चम्पावत)। राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में निकाय की मतगणना के लिए काउंटिंग सेंटर बनाया तो गया। लेकिन मीडिया गैलरी केवल शोपीस साबित हुई। आपको बता दें नगरों के निकाय की मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे से देर शाम तक जारी रहीं। लेकिन मतदान कक्षों में मीडिया कर्मियों को जाने की अनुमति न दिया जाना अपने आप में एक सवाल पैदा कर रहा है। खुद मीडिया कर्मी मतगणना की तात्कालिक जानकारी से महरूम रहें। जिस कारण पत्रकारो में आक्रोश व्याप्त है और उन्होंनें इसका विरोध भी किया। लेकिन सरकारी मशीनरी के कानों में जूँ तक नहीं रेंगी। वहीं मतगणना के लिए बनी मीडिया गैलरी सिर्फ शो पीस ही नजर आयी।
उल्लेखनीय है कि मतगणना को लेकर जहां प्रत्याशियों में अपनी अपनी जीत को लेकर उत्साह था। वहीं प्रशासन के द्वारा मीडिया कर्मियों को मतदान कक्ष के अंदर जाने की अनुमति न दिए जाने से चंपावत के टनकपुर मे पत्रकारों ने नाराजगी व्यक्त की है। जानकारी के मुताबिक शनिवार को टनकपुर के डिग्री कॉलेज में निकाय चुनाव की मतगणना हो रही थी। लेकिन प्रशासनिक आदेश के द्वारा मीडिया कर्मियों को मतदान कक्ष के अंदर जाने की परमिशन नहीं दी गई। इस मामले में वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया कि डिग्री कॉलेज परिसर में कवरेज के लिये मीडिया गैलरी बनायी गयीं थी। जो महज शोपीस साबित हुई है। मीडिया कर्मियों को कवरेज के लिए मतगणना केंद्र में अनुमति न होनें से जहां मतदाताओ में आक्रोश देखा गया। वहीं इस बात का सभी पत्रकारो नें विरोध किया है। विरोध जताने वालों में बाबूलाल यादव, विनोद पाल, शुभम गौड़, मयंक पंत, आबिद सिद्दीकी, पुष्कर महर आदि पत्रकार शामिल रहे।
मतगणना कक्ष में मीडिया कर्मियों के न होनें से बाहर फैलती रहीं भ्रामक सूचनाये।
टनकपुर। मतगणना की सूचना जो पहले पत्रकारों को मिलनी चाहिए थी वह सारी सूचनाएं बाहरी गेट पर खडे समर्थकों को मिल रही थी, जिसमें वास्तविकता के अलावा भ्रामकता भी सामने आयी। बाहर फैली भ्रामक जानकारी से वार्ड नं 05 की एक निर्दलीय प्रत्याशी नीलम पाल जीत का सर्टिफिकेट लेने विजयमाला पहनकर कर मतगणना कक्ष में आ गयीं, लेकिन लगभग एक से डेढ़ घंटे के बाद उन्हें पता चला कि वो अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी वर्षा शर्मा से 50 वोटों से हार चुकी है। गलत सूचना से उनके और उनके समर्थक खासे आहत हुए। वहीं वार्ड नं 04 के प्रत्याशी वकील अहमद और दीपक सक्सेना का मामला भी खासी चर्चाओ में रहा, जिसमें रिकाउंटिंग के बाद भी दीपक सक्सेना संतुष्ट नजर नहीं आये, उन्होंनें माननीय न्यायालय की शरण में जाने का ऐलान किया है। फिलहाल समूचे मामले को पत्रकारों के लोकतान्त्रिक अधिकारों का हनन करार दिया जा रहा है। पत्रकारों नें कहा मतगणना के दिन पूरे प्रदेश में सभी मीडिया कर्मी मतदान कक्ष में जानकारी जुटाने के लिए आते जाते रहे आखिर टनकपुर में मीडिया को प्रशासन द्वारा मतदान कक्षों में जाने की अनुमति न दिया जाना उनके लोकतान्त्रिक अधिकारों का हनन है, जिसके लिए पत्रकार संगठन नें बैठक आहूत कर तुगलगी फरमान का विरोध किये जाने का ऐलान किया है।
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टनकपुर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी भी दिखाई दिए बाहर, मतगणना कक्ष में जाने की नहीं मिली अनुमति,
टनकपुर। मतगणना के दौरान टनकपुर नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी भूपेन्द्र प्रकाश जोशी भी शनिवार की सुबह से देर शाम तक मतगणना कक्ष के बाहर दिखाई दिए , उन्हें भी पूरे दिन अनुमति नहीं मिली। ईओ को अनुमति न मिलना दिन भर चर्चा का विषय बना रहा। वे दिन भर बिस्किट्टों का सहारा लेकर कभी धूप का आनंद ले रहे थे। तो कभी छांव में बैठे दिखाई दिए। लेकिन देर शाम तक मुस्तैदी के साथ मतगणना स्थल पर डटे रहे।
: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा की चारों सीटों में खिला कमल, लहराया भाजपा का परचम
Sat, Jan 25, 2025
■■ लोहाघाट में भाजपा के गोविंद वर्मा ने रिकॉर्ड मतों से दर्ज की अपनी जीत।
■■ चंपावत में कांटे के मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी प्रेमा पांडे को किया गया विजयी घोषित।
■■ जिले की चारों निकाय सीटों में मुख्यमंत्री के काम पर लोगों ने दिया वोट।
■■ टनकपुर में भाजपा प्रत्याशी विपिन कुमार ने अपने प्रतिद्वंदी हेमा बर्मा को 1150 वोटो से हराया
चंपावत। आखिरकार वर्ष 2018 में भाजपा का जिले में सुपड़ा साफ करने वाले नगर के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काम पर वोट देकर जिले की चारों निकाय सीटों में भाजपा का परचम लहरा दिया है। लोहाघाट में पहली बार हुए नगर पालिका चुनाव में भाजपा के गोविंद वर्मा ने 1441 मतों से विजय हासिल कर अपने प्रतिद्वंदी को काफी पीछे धकेल दिया। गोविंद वर्मा ने वर्ष 2018 में हुए चुनाव की तुलना में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया था। वह पहले अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के दीपक ओली से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मात्र 157 वोटो से जीते थे। इस दफा उनकी जीत का आंकड़ा कई गुना बढ़ गया हैं। गोविंद ने अपने अपने विपक्षीयों को कडा संदेश दिया है,जो जनरल सीट से ओबीसी प्रत्याशी को भाजपा का टिकट दिए जाने का अंदर से विरोध कर रहे थे। दो बार नगर पंचायत के अध्यक्ष रहे भूपाल सिंह मेहता इस दफा पहले की तुलना में काफी कम वोट प्राप्त कर सके। 2018 में उन्हें जहां 537 वोट मिले थे। इस दफा वह मात्र 496 वोट ही प्राप्त कर सके।
चंपावत नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी प्रेमा पांडे ने कड़े मुकाबले में निर्दलीय ममता वर्मा को 110 मतों से पराजित किया| प्रेमा को 1964 तथा निर्दलीय ममता वर्मा को 1854 वोट मिले जबकि कांग्रेस की नीमा कठायत को 932 वोटो पर ही संतोष करना पड़ा।
टनकपुर नगर पालिका में भाजपा प्रत्याशी विपिन कुमार वर्मा को 4557 तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी हेमा वर्मा को 3407 मत मिले हैं। भाजपा प्रत्याशी विपिन कुमार ने अपने प्रतिद्वंदी हेमा वर्मा से 1150 वोटो से जीत दर्ज की है। आपको बता दें जिले की चारों सीटों में भाजपा प्रत्याशियों की जीत को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी क़ी व्यक्तिगत जीत बताया जा रहा है| हालांकि भाजपा के भीतर पार्टी में रहते हुए पार्टी को चूना लगाने वालों की कमी नहीं थी| बहरहाल जिले में पिछले 11 वर्षों से पार्टी संगठन को कुछ लोगों ने व्यक्तिगत जागीर बनाए रखा है ऐसे लोग सीएम धामी का माथा नीचे झुकाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं| हाल ही में कुछ ऐसे चेहरों को पार्टी में शामिल किया गया जिनका सिक्का लोगों की नजर में खोटा हो चुका है| यह तो गोविंद वर्मा की अपनी लोकप्रियता थी वह ऐसे लोगों की राजनीति का शिकार नहीं बन पाए अब मुख्यमंत्री को अपने मॉडल जिले में पार्टी संगठन में घुसे ऐसे चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाना होगा।