भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के बजाय यूनियन पदाधिकारियों का स्थानांतरण, : रोडवेज कर्मियों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की दी चेतावनी
Abid Hussain
Wed, Feb 4, 2026
■12 फरवरी से कार्यबहिष्कार, 16 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी
टनकपुर।उत्तराखंड परिवहन निगम टनकपुर मंडल में व्याप्त कथित अनियमितताओं व भ्रष्टाचार को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यूनियन का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद मंडलीय प्रबंधन ने भ्रष्टाचार पर कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा द्वेष भावना के तहत यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया।
यूनियन द्वारा मंडलीय प्रबंधक को दिए गए आंदोलनात्मक नोटिस में कहा गया है कि संगठन पदाधिकारियों द्वारा आपके व सहायक महाप्रबंधक कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी कई बार दी गई, लेकिन प्रबंधन ने आंखें मूंदे रखीं। इसके विपरीत वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी से कथित रूप से झूठी रिपोर्ट तैयार करवा कर यूनियन पदाधिकारी हरीश जोशी, नीरज सिंह और रवि शर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया।
इन गंभीर आरोपों से घिरा प्रबंधन
यूनियन ने नोटिस में कुल 14 बिंदुओं पर गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
■गोपनीय प्रविष्टियों में हेराफेरी
■सर्विस बुक में छुट्टियों की कूट रचना
■कर्मचारियों को समय से वेतन न मिलना
■योग्य चालक-परिचालकों से पद के विपरीत कार्य लेना
■दोषी चालकों को संरक्षण देना
■लंबे समय से ड्यूटी न मिलना
■समय संचालन कक्ष में आदेशों की अवहेलना
■टिकट बैग व ई-टिकटिंग मशीनों का नियम विरुद्ध आवंटन
■वर्कशॉप में रूट वाहनों से निगम को आर्थिक नुकसान
■लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद चालक से बस संचालन, जिससे करोड़ों की क्षति
■2018-19 में वारंट के माध्यम से लगभग 9 लाख रुपये की अति भुगतान का मामला
■सीएनजी बसों में परिचालकों से अवैध वसूली के आरोप
जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
आंदोलन का ऐलान
यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि स्थानांतरण आदेश तत्काल रद्द नहीं किए गए और भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो—
12 फरवरी 2026 से प्रथम पाली में कार्य बहिष्कार
16 फरवरी 2026 से मंडलीय प्रबंधक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन उपवास/भूख हड़ताल/आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी
यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान यदि किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई की गई, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
इस आंदोलनात्मक नोटिस की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी, महाप्रबंधक (निगम मुख्यालय), पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, बल्कि निगम को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। मामले की जानकारी लेने के लिए एआरएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहते हुए संदेश भेजा और बाद मे बात करने का आश्वासन दिया।
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