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चंपावत में अग्निवीर भर्ती रैली: पारदर्शिता, तकनीक और राष्ट्रभाव का : विराट संगम, मेजर जनरल मनीष कुमार

Abid Hussain

Mon, Mar 2, 2026

चंपावत, टनकपुर-बनबसा क्षेत्र स्थित सैन्य परिसर में आयोजित अग्निवीर भर्ती रैली ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि उत्तराखंड की धरती आज भी वीरों को जन्म देती है। बनबसा सैन्य स्टेशन में सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति, अनुशासित पंक्तियाँ, देशभक्ति से ओतप्रोत नारों की गूंज और तिरंगे के साए में चल रही चयन प्रक्रिया ने पूरे वातावरण को गौरवपूर्ण बना दिया।

भर्ती रैली के दौरान मीडिया से संवाद करते हुए मनीष कुमार, एडीजी मुख्यालय रिक्रूटिंग ज़ोन लखनऊ (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) ने विस्तार से बताया कि सेना का उद्देश्य केवल योग्यतम और सर्वश्रेष्ठ युवाओं का चयन करना है, और इसके लिए पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक एवं सख्त पारदर्शिता मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है।

■■ पारदर्शिता की मिसाल बनी भर्ती प्रक्रिया

मेजर जनरल ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना की भर्ती प्रणाली अब पूर्णतः तकनीक-आधारित और निगरानी तंत्र से सुसज्जित है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की संभावना समाप्त हो सके।

भर्ती स्थल पर निम्न व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं—

पूरे परिसर में CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी

डिजिटल टाइमिंग सिस्टम से दौड़ का सटीक समय रिकॉर्ड

प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन

दौड़ के दौरान स्वचालित समय गणना प्रणाली

RFID तकनीक लागू करने की प्रक्रिया

यूनिक कोड युक्त टी-शर्ट/बैंड का वितरण

विभिन्न चरणों में फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग

उन्होंने कहा,“जब मीडिया इस रैली को कवर करता है तो प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मजबूत होती है। हम सभी मीडिया प्रतिनिधियों के आभारी हैं कि वे पारदर्शिता को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।”

■■ “देश को सर्वश्रेष्ठ युवा शक्ति चाहिए”

अग्निवीर योजना के अंतर्गत चयनित युवा चार वर्षों तक कठोर एवं आधुनिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। मेजर जनरल ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा—

“17 से 22 वर्ष का युवा जब सेना में आता है तो वह ‘कंट्री फर्स्ट’ की भावना के साथ आता है। उसका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा होता है।”

■■ प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को बहुआयामी दक्षता प्रदान की जाती है

हथियार संचालन एवं फायरिंग अभ्यास

ड्रिल, परेड और सैन्य अनुशासन

ड्राइविंग एवं मैकेनिकल प्रशिक्षण

संचार एवं तकनीकी कौशल

नर्सिंग और प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण

■■ आपदा प्रबंधन एवं नेतृत्व कौशल

सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद अग्निवीरों को स्किल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है, जिससे वे अन्य सरकारी सेवाओं, अर्धसैनिक बलों तथा निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

■■ युवाओं में दिखा जोश और अनुशासन

सुबह की पहली किरण के साथ ही युवाओं की कतारें लग गईं। ठंडी हवाओं के बीच दौड़ के ट्रैक पर उमड़ा उत्साह देखने लायक था। सटीक समय-प्रबंधन और चरणबद्ध प्रक्रिया ने यह सुनिश्चित किया कि हर अभ्यर्थी को समान अवसर मिले।

स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों से आए युवाओं ने इसे अपने सपनों की पहली सीढ़ी बताया। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि सेना में भर्ती होना केवल नौकरी नहीं, बल्कि परिवार और समाज का सम्मान है।

■■ प्रशासन और सेना का उत्कृष्ट समन्वय

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। सेना और सिविल प्रशासन के समन्वय से व्यवस्थाएँ सुव्यवस्थित रहीं—

मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था

फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की तैनाती

मेडिकल जांच केंद्र

पेयजल और विश्राम स्थल

नियमित सफाई एवं सुरक्षा प्रबंध

मेजर जनरल ने कहा कि बिना प्रशासनिक सहयोग के इतने बड़े आयोजन को सफल बनाना संभव नहीं था।

■■ पंजीकरण हेतु विशेष अपील

युवाओं से अपील की गई कि वे केवल आधिकारिक माध्यम से ही आवेदन करें। इच्छुक अभ्यर्थी Join Indian Army की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या दलालों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि चंपावत में आयोजित यह अग्निवीर भर्ती रैली केवल एक चयन प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि यह युवा शक्ति, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उत्सव बनकर उभरी।

तिरंगे की छांव में, पारदर्शी और तकनीक-संचालित प्रणाली के बीच, युवाओं ने यह संदेश दिया कि वे देश सेवा के लिए पूरी तैयारी और समर्पण के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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