चंपावत। चंपावत विलेज फाउंडेशन ने मैदान में उतरकर एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर नीयत मजबूत हो तो व्यवस्था की खामियों को भी मात दी जा सकती है।
शुक्रवार और शनिवार को अमोडीं इंटर कॉलेज परिसर तथा धूरा के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल स्वास्थ्य शिविर में हजारों ग्रामीणों को वह राहत मिली, जिसकी उन्हें वर्षों से प्रतीक्षा थी। शिविर में सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी व प्रभु नेत्र चिकित्सालय खटीमा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मोर्चा संभालते हुए बीपी, शुगर
, गठिया, हड्डी रोगों और नेत्र रोगों की गहन जांच की।
डॉ. कुलदीप चंद्रा, डॉ. हर्ष चौहान, डॉ. शशांक, डॉ. प्रतीक काल, डॉ. पंकज राना एवं डॉ. ऋषभ टम्टा ने न सिर्फ मरीजों की जांच की, बल्कि निःशुल्क दवाइयों और सैकड़ों चश्मों का वितरण कर ग्रामीणों को सीधी राहत दी।
फाउंडेशन के निदेशक जीवन चंद्र जोशी ने स्पष्ट शब्दों में बताया कि
अमोडीं क्षेत्र के दियूरी, डोला, खटोली मल्ली-तल्ली, कांडा, स्वाला, धौन, कोट अमोडी, छतकोट, बगैड़ी, बजौन, दुधौरी सहित करीब 500 ग्रामीणों तथा धूरा क्षेत्र के बयाला, सेतीचौड, नौलापानी, झालाकूडी, तलियाबांज, मथियाबांज, बुढ़म, डांडा ककनयी, जौल, श्यामलाताल, चौडाकोट, बृजनगर, सिलाड़, चल्थी आदि गांवों से लगभग 700 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस दौरान 350 निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया।
तल्ला पाल विलौन संघर्ष समिति के संयोजक पंडित शंकर जोशी ने फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए दूरस्थ इलाकों में लगातार शिविर लगाने की मांग की।
निदेशक जीवन चंद्र जोशी ने दो टूक कहा कि फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में बिना रुके, बिना थके काम करता रहेगा — चाहे हालात कितने ही कठिन क्यों न हों।
शिविर को सफल बनाने में शंकर जोशी, के.एन. तिवारी, नरेंद्र जोशी, कमल किशोर, नितिन जोशी, नंदा बल्लभ जोशी, भास्कर जोशी, सुनील जोशी, महेंद्र सिंह राना, कृष्ण सिंह बोहरा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग दिया।