: पालिका के पास कूड़ा निस्तारण की कोई योजना नहीं, स्कूली बच्चे हो रहे परेशान अधिकारी मौन, तो सुनेगा कौन
admin
Tue, Feb 25, 2025
टनकपुर/ प्रदेश के बड़े शहरों में कूडे निस्तारण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। लेकिन , वीआईपी सीट होने के बावजूद भी यहां कूड़ा निस्तारण करने के पालिका प्रशासन के पास कोई विशेष प्रबंध नहीं है। जिसके चलते स्कूली बच्चे कचरे के ढेर के पास से होकर निकल रहे हैं। छात्रावास के पास कूड़ा एकत्रित किए जाने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त समाचार के अनुसार नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय आवासीय बालक छात्रावास में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि पालिका प्रशासन की ओर से राजकीय आवास के पास कूड़ा एकत्रित किया जाता है।

जिसके चलते विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में बच्चों के अभिभावकों ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेज कर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर बारिश हो जाए तो कूड़े की सड़ांध और दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है। वे कई बार पालिका प्रशासन को इस समस्या से निजात दिलाए जाने के लिए कह चुके हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
विद्यालय के वार्डन दिवाकर भट्ट ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से स्वच्छता मिशन के तहत सफाई कराने की मांग की है।
उन्होंने परिसर में बाहरी लोगों द्वारा गंदगी फैलाने दीवार के सहारे गंदगी फैलाने वालों को रोकने तथा इस स्थान पर पालिका के सफाई कर्मियों द्वारा कूड़ा ना फेके जाने की भी मांग की है। बता दें शहर की सफाई व्यवस्था में कूड़े का महत्वपूर्ण रोल है। सुबह के समय सफाई कर्मी अपने-अपने वार्ड क्षेत्र से कूड़ा एकत्रित कर राजकीय बालक छात्रावास के पास डाल देते हैं। वहीं पालिका के सफाई कर्मी लगभग 11:00 बजे के आसपास कूड़े को लोडर में भरकर बीहड क्षेत्र में पहुंचा दिया जाता है। लेकिन इस व्यवस्था के बावजूद भी गंदगी होने का आलम बरकरार बना हुआ है। स्थानीय लोगों की समस्या के संदर्भ में जब पालिका के अधिशासी अधिकारी भूपेंद्र प्रकाश जोशी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शहर का कूड़ा प्रातः 9:00 बजे यहां पर एकत्रित किया जाता है और उसको 2 घंटे के अंदर अंदर उठा लिया जाता है। उन्होंने इस स्थान के अलावा अन्य जगह पर कूड़ा एकत्रित करने में असमर्थता जताई है।
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