उत्तराखण्ड परिवहन निगम टनकपुर डिपो में यूनियन–प्रबंधन वार्ता सम्पन्न, : 15 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
Abid Hussain
Fri, Feb 13, 2026
■ कई दौर की हुई बैठक में बनी सहमति, प्रबंधन बैकफुट पर!
टनकपुर, 13 फरवरी / टनकपुर डिपो में कार्य व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे मुद्दों पर गुरुवार को देर सायं तक महत्वपूर्ण वार्ता सम्पन्न हुई। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखण्ड शाखा टनकपुर और निगम प्रबंधन के बीच हुई इस बैठक में कुल 15 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में अधिकारी पक्ष से के०एस० राणा (सहायक महाप्रबंधक संचालन), सुरेश चन्द्र पाण्डे (सीनियर फोरमैन डिपो कार्यशाला) एवं मंजू जोशी (वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी) उपस्थित रहे। वहीं संगठन की ओर से कौशल कर्नाटक (अध्यक्ष), पंकज पन्त (मंत्री), नवीन कुमार (उपाध्यक्ष द्वितीय), सुरेन्द्र सिंह व जगदीश सामन्त ने भाग लिया।
■ ऑफरोड बसों और ब्रेकडाउन पर सख्ती
यूनियन ने आरोप लगाया कि डिपो में ऑफरोड बसों की वास्तविक संख्या दैनिक रिपोर्ट में कम दर्शाई जा रही है। इस पर प्रबंधन ने स्वीकार किया कि 6 फरवरी 2026 को स्थिति सही प्रदर्शित न होने से भ्रम की स्थिति बनी थी। बताया गया कि 10 बसों को ऑफरोड से ऑनरोड किया जा चुका है और त्योहारी सीजन को देखते हुए सुधारात्मक प्रयास जारी रहेंगे।
साथ ही बढ़ते ब्रेकडाउन पर सीनियर फोरमैन को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि यदि सुधार नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
■ अवकाश वितरण और समानता का मुद्दा
यूनियन ने कर्मियों को असमान रूप से अवकाश दिए जाने पर आपत्ति जताई। सहायक महाप्रबंधक ने डिपो लेखाकार को निर्देशित किया कि पिछले 6 माह के अवकाश का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यदि किसी को देयता से अधिक अवकाश मिला है तो इसकी भी जानकारी दी जाएगी।
विशेष परिस्थितियों को छोड़कर विश्राम दिवस में ड्यूटी न लेने के निर्देश भी जारी हुए।
■ समयपाल और स्टाफ तैनाती में बदलाव
समयपालों को हटाने संबंधी पूर्व आदेशों के अनुपालन में 12 फरवरी को नए आदेश जारी करने की बात कही गई।
खटीमा बस स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर तैनात कर्मियों की समीक्षा कर पदानुसार कार्य लेने पर जोर दिया गया।
नियमित चालक–परिचालकों से संचालन कार्य ही लिया जाएगा; मानक किलोमीटर पूर्ण न करने वालों का वेतन आहरित न करने के निर्देश भी दिए गए।
■ सिटी बस स्टेशन में काउंटर बुकिंग का मुद्दा
टनकपुर सिटी बस स्टेशन में काउंटर बुकिंग शुरू न होने पर यूनियन ने आपत्ति दर्ज की। इस पर वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी को स्पष्ट आख्या देने के निर्देश दिए गए कि बुकिंग मशीन से होगी या मैनुअल टिकट से। आय बढ़ाने के लिए शीघ्र व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया।
■ डबल टोल भुगतान और आर्थिक नुकसान
दिल्ली आनंद विहार में डबल टोल भुगतान तथा चंडीगढ़ टैग बैलेंस के बावजूद अनावश्यक भुगतान के मामलों की जांच के निर्देश दिए गए। यदि अनियमितता पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों से रिकवरी की जाएगी।
लंबे समय से खड़ी टाटा/लीलैंड (2019 मॉडल) बसों – संख्या 4297, 4432, 4711, 4258, 4436, 4434, 1716, 1726 – से हो रहे आर्थिक नुकसान पर भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
■ ई-टिकटिंग और पीआरडी कर्मियों की ड्यूटी
ई-टिकटिंग मशीनों के आवंटन में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों की समीक्षा होगी।
मंडलीय कार्यशाला में तैनात पीआरडी कर्मियों की ड्यूटी गेट पर लगाने का अनुरोध किया गया ताकि चोरी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
■पूर्व वार्ता के कार्यवृत्त पर आश्वासन
यूनियन ने पूर्व वार्ता के कार्यवृत्त उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी जताई। इस पर प्रबंधन ने तत्काल कार्यवृत्त उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
■ सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई बैठक
अंत में सहायक महाप्रबंधक (संचालन) के०एस० राणा ने संगठन पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी बिंदुओं पर चरणबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पत्रांक 2305/13-02-2026 के तहत बैठक का कार्यवृत्त संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित कर दिया गया है। आपको बता दें टनकपुर डिपो में चली इस अहम वार्ता के बाद कर्मचारियों की कई लंबित मांगों पर ठोस कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समयसीमा में निर्देशों का कितना प्रभावी अनुपालन होता है।
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