टनकपुर-बनबसा में ईद-उल-फितर की रौनक, फिज़ाओं में मोहब्बत और अमन का : पैगाम, मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक़्क़ी और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआएं
Abid Hussain
Sat, Mar 21, 2026
टनकपुर/बनबसा। मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान की रुख़्सती के बाद ईद-उल-फितर का पुरनूर त्योहार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा के मैदानी इलाक़े टनकपुर-बनबसा में पूरे जोश-ओ-ख़रोश, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। ईद की सुबह जैसे ही नमाज़ अदा हुई, हर तरफ़ “ईद मुबारक” की सदाएं गूंज उठीं और लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद पेश की।
इस मौके पर मस्जिदों में बड़ी तादाद में रोज़ेदारों ने नमाज़-ए-ईद अदा की। मनिहारगोठ स्थित जामा मस्जिद में इमाम मजीदुर्रहमान, नई जामा मस्जिद टनकपुर में मौलाना अफज़ल और पुरानी जामा मस्जिद में मौलाना एजाज अहमद ने नमाज़ अदा कराई। नमाज़ के बाद मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक़्क़ी और खुशहाली के लिए ख़ास दुआएं मांगी गईं।
रोज़ेदारों ने बताया कि 30 रोज़ों की इबादत के बाद आसमान से हल्की बारिश का होना एक नेक और मुबारक निशानी के तौर पर देखा गया। लोगों ने इसे जज़्बाती अंदाज़ में यूं बयां किया कि “जिस तरह किसी ग़म में इंसान की आंखों से आंसू निकलते हैं, वैसे ही रमज़ान की रुख़्सती पर आसमान भी अश्कबार हुआ।” वहीं अगले दिन खिली धूप ने ईद की खुशियों में चार चांद लगा दिए।
ईद के इस पाक मौके पर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। क़ानून-ओ-अमन बनाए रखने के लिए कोतवाल चेतन रावत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे, जबकि तहसीलदार जगदीश नेगी भी हालात का जायज़ा लेते नज़र आए। सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ामात के चलते पूरे इलाके में सुकून और इत्मीनान का माहौल कायम रहा।
सियासी और समाजी हस्तियों ने भी इस मौके पर बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मुस्लिम भाइयों को दिली मुबारकबाद पेश की। हर तरफ मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम गूंजता रहा
सामाजिक संगठनों के नुमाइंदों ने भी इस मौके पर मुस्लिम भाईयों को दिली मुबारकबाद पेश की और गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल कायम की। हर तरफ़ मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैग़ाम बिखरा नज़र आया।
ईद-उल-फितर का यह त्योहार न सिर्फ़ इबादत और शुक्राने का दिन है, बल्कि आपसी मोहब्बत, हमदर्दी और इंसानियत को मज़बूत करने का भी पैग़ाम देता है—जिसे टनकपुर-बनबसा के लोगों ने पूरी सिद्दत के साथ महसूस किया।
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दमदार मिसाल