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पंडित दीनदयाल उपाध्याय को ‘भारत रत्न’ देने की मांग, समाजसेवी दीप चंद्र : पाठक ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजा पत्र

Abid Hussain

Wed, Feb 11, 2026

टनकपुर ■ 11 फरवरी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर समाजसेवी दीप चंद्र पाठक ने राष्ट्रपति  एवं प्रधानमंत्री जी को पत्र प्रेषित कर उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से सम्मानित किए जाने की मांग उठाई है।

प्रेषित पत्र में श्री पाठक ने उल्लेख किया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी भारतीय राजनीति और सामाजिक चिंतन के एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने राष्ट्रजीवन को नई वैचारिक दिशा प्रदान की। वे एक महान चिंतक, राष्ट्रवादी नेता और “एकात्म मानववाद” के प्रणेता थे। उनका विचार था कि विकास का मॉडल भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संरचना के अनुरूप होना चाहिए।

पत्र में विशेष रूप से उनके “अंत्योदय” सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा गया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्रनिर्माण है। आज केंद्र और राज्य सरकारों की अनेक योजनाओं में अंत्योदय की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो उनके विचारों की प्रासंगिकता को सिद्ध करती है।

दीप चंद्र पाठक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण, पारदर्शी और राष्ट्रसेवा को समर्पित था। उन्होंने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। ऐसे महान राष्ट्रपुरुष को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करना न केवल उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी, बल्कि देश की नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मांग किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष से जुड़ी नहीं है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की भावनाओं की अभिव्यक्ति है। उनके अनुसार, देश की जनता चाहती है कि राष्ट्र उनकी अमूल्य सेवाओं और विचारधारा का सम्मान सर्वोच्च नागरिक सम्मान देकर करे।

श्री पाठक ने केंद्र सरकार से इस विषय पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सरकार देश की जनभावनाओं का सम्मान करेगी।

पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जहां लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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