मनिहारगोठ रिपोर्टिंग पुलिस चौकी का भवन जर्जर हाल में, कई जगह से छत : का लिंटर टूटने से बना हुआ है खतरा
टनकपुर/ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में स्कूलों की जर्जर हालत में हो चुकी छत को लेकर साफ निर्देश दिया है की जो स्कूल सुरक्षित नहीं है उनमें बच्चों को ना भेजा जाए। साथ ही उन्होंने प्रदेश में सभी स्कूलों की सुरक्षा की दृष्टि से जांच कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं। अगर ईमानदारी के साथ सरकारी इमारतो की जांच की जाए तो पता नहीं कितनी इमारतें सुरक्षा की दृष्टि से सही साबित हो या ना हो यह बहुत बड़ा सवाल है।
यहां मनिहार गोठ में आमजन की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी खुद ही असुरक्षित पुलिस चौकी में रह रहे हैं। पुलिस चौकी की इमारत भी जर्जर हालत मे होने के चलते उसका लिंटर कई जगह से टूट चुका है। पुलिस के जवान डर के साए में रहकर ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिस चौकी भवन में बने कमरो का लिंटर कई हिस्सों में टूट चुका है। बताया गया की बरसात के दिनों में छतो से पानी भी टपकता है। अगर जांच की जाए तो ऐसे ना जाने कितनी इमारतें होगी जिनकी हालत जर्जर हो चुकी है। एक बात साफ नजर आ रही है । अभी 2 दिन पूर्व राजस्थान में घटित घटना ने अन्य राज्य सरकारों के होश उड़ा दिए हैं।
अगर इस और वहां के प्रशासन द्वारा पहले से ही ध्यान आकर्षित कर लिया होता तो शायद राजस्थान के झालावाड़ जिले से दिल दहलाने वाली घटना सामने नहीं आती। वहां के प्रशासन की लापरवाही मासूम बच्चों की जान पर भारी पड़ गई। यहां सरकारी स्कूल की इमारत का कुछ हिस्सा ढह गया जिसके मलवे में दबकर कुछ बच्चों की मौत हो गई और कुछ घायल हो गए यह सरकार और प्रशासन के लिए बहुत शर्मनाक है। अगर समय रहते इस इमारत की जांच की गई होती और इसकी तरफ गंभीरता से ध्यान देकर इमारत को सुधार लिया होता तो यह मासूम बच्चों की जान की दुश्मन ना बनती । लेकिन महंगी इमारत में बैठकर एसी की हवा खाने वाले सत्ताधारियों और सरकारी विभाग के बाबू को आम आदमी के लोगों की जान की कहां परवाह है। 
अब इस दुखद हादसे के लिए भी जांच के ऑर्डर देकर और हादसे के शिकार बच्चों के परिवार जनों को मुआवजे का मरहम लगा दिया जाएगा। इसके बाद अब सरकार और प्रशासन फिर अगले किसी ऐसे ही हादसे के इंतजार में लंबी तान के सो जाएंगे। जबकि होना ऐसा चाहिए कि इस हादसे की उचित और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
और जो भी इसके लिए कसूरवार हैं उन्हें इतनी सख्त सजा होनी चाहिए कि फिर से वह कोई दूसरी ऐसी लापरवाही करने के बारे में सपने में भी न सोचें। दूसरी चीज देश के सभी राज्यों को इस दुखद हादसे से सबक लेना चाहिए और अपने यहां सभी सरकारी स्कूलों सहित सरकारी भवनो की इमारत की जांच करवानी चाहिए।
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